न्यायमूर्ति श्री प्रीतम पाल हरियाणा के लोकायुक्त के पद से सेवानिवृत हो चुके हैं. उनके दिसम्बर के साक्षात्कार को हमने इंग्लिश में प्रकाशित किया था. आज आपके समक्ष उनका सेवानिवृति के दिन का एक संक्षिप्त साक्षात्कार प्रस्तुत है. हम उनकी दीर्घायु व स्वास्थ्य की कामना करते हैं.

लोकायुक्त जस्टिस प्रीतमपाल आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पिछले 5 साल के कार्यकाल में उन्हें 3400 शिकायतें मिलीं। इनमें से 2800 शिकायतों का निस्तारण किया, जबकि 600 शिकायतें पेंडिंग रही हैं। कांग्रेस सरकार के समय तत्कालीन चीफ पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी रामकिशन फौजी के खिलाफ सीएलयू सीडी मामले में करप्शन की एफआईआर दर्ज करने के आदेश देकर वे चर्चा में आए। इसके बाद उन्होंने पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह, पूर्व सीपीएस विनोद भ्याना, रामनिवास घोड़ेला और कुछ पूर्व कांग्रेसी विधायकों पर भी करप्शन की एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट में वैट चोरी की शिकायत पर एसआईटी बनाकर 10618 करोड़ रुपए के घोटाले को सामने लाए।
जुलाई, 1972 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से लॉ करने के बाद एडिशनल सैशन जज और हाईकोर्ट जज के रूप में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले जस्टिस प्रीतमपाल हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और पंजाबी के ज्ञाता है। सामाजिक न्याय व्यवस्था को कायम रखने और सिस्टम से भ्रष्टाचार खत्म करने के उनके कितने सफल रहे और कितने अधूरे रहे। सेवानिवृत्ति से एक दिन पूर्व दैनिक भास्कर ने साझा की उनके मन की बात।
शिकायतकर्ता को प्रोटेक्शन दी जाए, लोकायुक्त को स्वयं संज्ञान लेने का अधिकार हो, जो अफसर किसी जांच में देरी करे तो इसे अदालत की अवमानना की श्रेणी में लाया जाए, अफसर जांच को तय समय सीमा में पूरी कर रिपोर्ट करें। – जस्टिस प्रीतमपाल, लोकायुक्त
सवाल- मौजूदा सरकार का तो नारा ही करप्शन पर जीरो टॉलरेंस है। आपको इस सरकार से कितना सहयोग मिला।
जवाब- ये तो लगता है कि ये सरकार करप्शन के खिलाफ गंभीर है। लेकिन मेरे सामने कोई रिजल्ट ऐसा आया नहीं। जो मैंने रिकमंडेशन की हैं। वो अभी पाइपलाइन में हैं। उन पर अभी कोई एक्शन होकर आया नहीं। जब तक परिणाम नहीं आएंगे, मैं कुछ नहीं कह सकता।
-आपकोलगता है सोसाइटी से कभी करप्शन दूर हो पाएगा?
जवाबः हमेंकभी हतोत्साहित नहीं होना चाहिए कि कोई चीज संभव है या नहीं। भ्रष्टाचार के खिलाफ हर नागरिक को लड़ना चाहिए। मैं मानता हूं जब भ्रष्टाचार करने वाले, बेईमान लोग इकट्ठे हो सकते हैं तो हम न्याय करने वाले, भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले एकजुट क्यों नहीं हो सकते।
-करप्शनसे लड़ने वाले (व्हिसल ब्लोअर) प्रताड़ित होते हैं। उन्हें कैसे प्रोटेक्शन और प्रोत्साहन मिले।
जवाबः मैंने राज्यपाल महोदय को हाल ही रिपोर्ट सौंपी है। उसमें पहली बार नई बात लिखी है। मैंने इन 5 सालों में महसूस किया है कि कुछ लोग अपना टाइम, पैसा खर्च करके और सालों साल इन्क्वायरी भुगत कर करप्शन उजागर करते हैं।
उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें होती हैं। थ्रेट करके उनके सामने जान का खतरा पैदा किया जाता है ताकि वे रास्ता बदल लें। मेरे पास भी ऐसे व्हिसल ब्लोअर्स की एप्लीकेशन आई थीं। चूंकि मेरे पास तो कोई पावर थी नहीं, इसलिए मैंने होम सेक्रेटरी और डीजीपी को लिखा कि उन्हें प्रोटेक्शन दिया जाए। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्हें कोई प्रोटेक्शन दी गई हो।
सवाल– आपने मौजूदा सरकार से वैट घोटाले समेत कुछ अन्य मामलों में इंटरिम रिपोर्ट मांगी थी। क्या रिपोर्ट मिली।
जवाब- मैंने जो भी मामले सरकार को भेजे थे, उन पर कोई रिपोर्ट मुझे अब तक नहीं मिली है। वैट मामले की तो मैंने 3 महीने में रिपोर्ट मांगी थी। अब एक साल होने को आया है, अभी तक तो सरकार से कोई रिपोर्ट मेरे पास आई नहीं है।
सवाल-चुनाव में जो आदमी लाखों-करोड़ों रुपए खर्च करके रहा है। ऐसे में उससे कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि वो ईमानदारी से काम करें।
जवाब- अन्नाजी ने एक आवाज उठाई है। मेरी उनसे चर्चा हुई थी। ऐसे लोगों को सामने लाए जो कुछ समाज के लिए कुछ करना चाहते हो। महात्माा गांधी ने जब कांग्रेस ज्वाइन को तो उन्होंने कहा कि इसे खत्म कर दो। पार्टी सिस्टम होना ही नहीं चाहिए। आदमी का फोटो उसका नाम। गुंडों को टिकट दे दिया। क्योंकि भाजपा की हवा चल रही है। कांग्रेस की हवा चल रही है। मैं तो ये कहूंगा कि ये पार्टी सिस्टम ही खत्म होना चाहिए।
सवालसरकारआपको एक्सटेंशन देना चाहती थी, आपने मना क्यों किया।
जवाब मैंने इतने साल ज्यूडिशियरी और लोकायुक्त के रूप में सेवाएं दी हैं। हमारे पास सब पावर थी। एक्सटेंशन से एक या दो साल और मिल जाते, लेकिन आदमी को कहीं तो सेटिसफिकेशन होनी चाहिए। इसलिए अब मैं नहीं चाहता कि इस बंध में बंधा रहूं। किसी नए आदमी को मौका मिलना चाहिए।

 

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